Current Affairs Uttarakhand January 2018 First Week in Hindi

Uttarakhand Current Affairs

  1. उत्तराखण्ड के दो पुलिस थाने देश के टॉप 10 थानों में शुमार
    मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुई देश भर के पुलिस महानिदेशकों की कांफ्रेंस में जारी सूची में उत्तराखण्ड के दो पुलिस थाने अंतिम दस में जगह बनाने में कामयाब रहे। नैनीताल जिले के वनभूलपूरा थाना छठवां और देहरादून जिले की ऋषिकेश कोतवाली को आठवां स्थान मिला। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस सूची को ट्विटर के माध्यम से सबके साथ साझा किया। केंद्र सरकार ने हर साल देश के सर्वश्रेष्ठ दस थानों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है. सरकार की ओर से तय मानको में प्रदेश की ऋषिकेश कोतवाली और नैनीताल  के वनभूलपूरा थाने का चयन हुआ था।
  2. सचिवालय में पत्रकारों का प्रवेश वर्जित
    सुचना लीक की घटनाओ से बचने के लिए राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड सचिवालय में पत्रकारों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। अब हर शाम 4 बजे के बाद प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को जानकरी दी जायेगी।
  3. गाय गंगा महिला डेयरी योजना का सुभारंभ
    मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 28 दिसम्बर 2017 को उत्तराखण्ड सहकारी डेयरी फेडरेशन, हल्द्वानी के वार्षिक सामान्य बैठक के दौरान इस योजना का सुभारंभ किया। इस मौके पे मुख्यमंत्री ने 16 काश्तकारों को गाय लोन के चेक और 6 को अपने हाथों से गाय दी। साथ ही जनवरी 2018 में मुख्यमंत्री कामधेनु डेयरी योजना की शुरुआत करने की बात भी की।
    दुग्ध एवं सहकारिता मंत्री – डॉ धन सिंह रावत
  4. उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ‘ग्रामीण पर्यटन’ गणतंत्र दिवस परेड में होगी शामिल
    गणतंत्र दिवस परेड, 2018 राजपथ नई दिल्ली में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ‘ग्रामीण पर्यटन (Village Tourism) को रक्षा मंत्रालय में द्वारा नई दिल्ली में आयोजित बैठक में अंतिम रूप से चयनित कर लिया गया है। यह जानकारी देते हुए महानिदेशक सूचना डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया है कि रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधीन गठित विशेषज्ञ समिति के सम्मुख 30 राज्यों और 20 मंत्रालयों द्वारा अपने प्रस्ताव प्रेषित किये गये थें। जिसमें से अंतिम रूप से केवल 14 राज्य 07 मंत्रालयों की झांकियों का चयन किया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार में 30 राज्यों तथा 20 केन्द्र सरकार के मंत्रालयों द्वारा गणतंत्र दिवस परेड-2018 में झांकी के आयोजन हेतु अपने प्रस्ताव प्रेषित किए गए थे। झांकी चयन की एक लंबी प्रक्रिया है, जिसके तहत चरणबद्ध रूप से विषय का चयन, डिजायन का प्रस्तुतिकरण, थ्री-डी माडल एवं संगीत का प्रस्तुतिकरण विशेषज्ञ समिति के सम्मुख किया जाता है।
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    डा. पाण्डेय ने बताया कि राज्य गठन से लेेकर अभी तक उत्तराखण्ड द्वारा वर्ष 2003 में ‘फृलदेई‘, वर्ष 2005 में ‘नंदा राजजात, वर्ष 2006 में ‘फूलों की घाटी‘, वर्ष 2007 में ‘कार्बेट नेशनल पार्क, वर्ष 2009 में ‘साहसिक पर्यटन‘, वर्ष 2010 में ‘कुंभ मेला‘, वर्ष 2014 में ‘जड़ी-बूटी, वर्ष 2015 में ‘केदारनाथ‘ तथा वर्ष 2016 में ‘रम्माण‘ विषयों की झांकियों का प्रदर्शन राजपथ पर किया जा चुका है।

  5. सबसे छोटे स्तनपाइयों में शुमार- वाटर श्रु (जल कर्कशा) उत्तराखण्ड में भी पाया गया
    सबसे छोटे स्तनपाइयों में शुमार चूहे जैसा दिखने वाला दुर्लभ वाटर श्रु (जल कर्कशा) नाम का जीव उत्तराखंड में भी पाया गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) के वैज्ञानिकों ने पहली बार उत्तराखंड के कुमाऊं में अस्कोट वाइल्डलाइफ सेंचुरी और गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी क्षेत्र में इस जीव की उपस्थिति दर्ज की है। संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार यह जीव जल और थल दोनों जगह पाया जाता है। इस जीव को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आइयूसीएन) ने संकटग्रस्त जीवों की श्रेणी में रखा है। अभी तक विश्व में इसकी 13 प्रजातियों की ही जानकारी है और यह जीव उत्तरी-दक्षिणी एशिया, दक्षिणी चीन व पूर्वी नेपाल में मिला है। भारत में अब तक इसकी उपस्थिति सिर्फ सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश में दर्ज की गई थी।
  6. पहली बार सूचना प्रौद्योगिकी समिति उत्तराखंड विधानसभा गठित
    सूचना प्रौद्योगिकी समिति उत्तराखंड विधानसभा में पहली बार गठित हुई है। यह समिति राज्य में सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के साथ सदन में इससे संबंधित प्रश्नों एवं समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से गठित की गई है। सूचना प्रौद्योगिकी समिति के सदस्य केदार सिंह रावत, धन सिंह नेगी, ऋतु खंडूड़ी भूषण, सौरभ बहुगुणा, मनोज रावत व मुकेश कोली हैं।

चर्चा में

  • गोविंदा और सरमन जोशी
    बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता इस सप्ताह उत्तराखण्ड यात्रा पे आये।
  • औली
    बर्फबारी के अभाव में औली में प्रस्तावित स्कीइंग चैंपियनशिप की तिथि आगे बढ़ा दी गई है। पहले आयोजन 15 से 21 जनवरी तक होना था, लेकिन अब यह फरवरी में कराया जाएगा।
  • दुर्लभ हिमालयन लोमड़ी
    उच्च हिमालयी छेत्रों में पाए जाने वाली सफ़ेद लोमड़ी दुर्लभ जीवों श्रेणी के जीवों में शामिल है।दो जनवरी की रात को केदारनाथ में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे में यह जीव दौड़ते हुए नजर आया है। इससे पहले यह जीव जनवरी 2016 में दिखाई दिया था. 

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