Question and Answer Uttarakhand Set-06

  1. उत्तराखण्ड में कितने कैंट छेत्र है ? – 09
  2. गढ़वाली मेघदूत किसकी रचना है ?- डॉ. शिवप्रसाद डबराल
  3. उत्तराखण्ड राज्य में वैट कब लागू किया गया ?- 1 अप्रैल 2005 को (22वा राज्य)
  4. कोटेश्वर बाँध का निर्माण किस नदी पर है ? – भागीरथी
  5. बिस्सु, दियाई, नुणाई, जागणा, पंचाई व् माघ त्यौहार किस जन-जाति के लोगों द्वारा मनाया जाता है ?- जौनसारी
Read More>>>

History of Newspaper In Uttarakhand

उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का गौरवपूर्ण अतीत रहा है। आर्थिक रूप से पिछड़ा होने के बावजूद उत्तराखण्ड में बौद्धिक सम्पदा का खजाना हमेशा लबालव रहा। देश में पत्रकारिता का बीज जैसे ही अंकुरित होना शुरू हुआ, उत्तराखण्ड में भी उसका जन्म और विकास शुरू हो गया। बीसवीं सदी के आरम्भ से ही उत्तराखण्ड के अखबारों में सुधारों की छटपटाहट, विचारों की स्पष्टता और आजादी की अकुलाहट दृष्टिगोचर होने लगी थी। राष्ट्रीय आन्दोलन के उभार के साथ-साथ स्थानीय पत्रकारिता में अधिक आक्रामकता, अधिक आक्रोश और ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेंकने की प्रबल इच्छा साफ-साफ दिखाई देने लगी थी।

Read More>>>

Chand Dynasty In Uttarakhand Part two

राजा लक्ष्मीचंद

  • राजा रुद्र्चंद के बाद लक्ष्मीचंद गद्दी पर बैठे, शक्ति सिंह गुसाईं बड़े होने के नाते राजा के उत्तराधिकारी थे। किन्तु अंधे होने की वजह से शक्ति गुसाईं ने अपने छोटे भाई लक्ष्मीचंद के लिए राज गद्दी छोड़ दी।
  • अंधे होने पर भी शक्ति सिंह गुसाईं को ज्ञान बहुत था विशेषकर नाप का। अतः राजा लक्ष्मीचंद ने उनको मुल्क व् दरबार का इंतज़ाम करने को कहा।
  • शक्ति गुसाईं ने जमीन की नाप का दफ्तर बनाया। जमीन के ऊपर ‘रकम’ (कर) लगाई। ज्युला, सिरती, बैरक, रक्षया, कूत, भात, वगैरह करों का नाम रखा।
  • सिपाहियों को कटक यानी फौज में भर्ती करते समय उनकी परीक्षा लेने का प्रबंध भी किया गया। वीर सैनिक तथा बूढ़े सिपाहियों को जमीने व् जागीर दी गई। राजा लक्ष्मीचंद ने अल्मोड़ा में महादेव का मंदिर बनाया, महादेव का नाम लक्ष्मीश्वर रखा।
  • राजा लक्ष्मीचंद ने सात बार गढ़वाल पर चढाई की, और साथ बार यह हारे। इस कारण लोगों ने जिसे किले से राजा लड़ते थे उसका नाम ‘स्यालबूंगा’ रखा। आठवी बार भी बागेश्वर में देवी- देवताओं की पूजा कर गढ़वाल पे आक्रमण किया, राजा की कुछ महत्वपूर्ण विजय तो नहीं हुई, किन्तु इस बार वह लूट-खटोसकर कुछ धन एकत्र किया। इससे खुश होकर राजा अल्मोड़ा लौटे।
  • पंडित रुद्रदत्त पंतजी लिखते है “इस राजा ने गढ़वाल को सर करने की खबर अल्मोड़ा पहुचाने के लिए पहाड़ों की चोटी पर सुखी घास व् लकड़ियाँ के ढेर लगाये कि जिस समय गढ़वाल का प्रदेश जीत लिया जाएगा, उन ढेरों में आग लगाई जाए, ताकि खबर अल्मोड़ा जल्द पहुच सकें”। जीत के समय ऐसा ही किया गया।
Read More>>>

Chand Dynasty In Uttarakhand Part One

चंद राज्यवंश

चंद वंश का इतिहास बहुत ही गहन एवं विस्तृत है। उस इतिहास के कुछ एक अंश यहाँ पर लिखे गये है। चंद वंश में हुए विभिन्न राजाओं के राज्यकाल के अनुरूप चंद वंश का इतिहास बताने की कोशिश की गयी है। रोहिलों एवं गोरखाओं के आक्रमण से इस इतिहास से जुडी काफी कड़ियाँ नष्ट जरूर हुई है। यह नोट्स पूर्णतः कुमाऊ का इतिहास बद्रीदत्त पाण्डे’, एवं अन्य श्रोतों से ली गयी है।

  • संथापक सोमचंद
  • राज्य चिन्ह गाय
  • अंतिम राजा महेन्द्रचंद

 

Read More>>>

Question and Answer Uttarakhand Set-05

  1. नुणाई त्यौहार मनाया जाता है ? – जौनसार भावर छेत्र में
  2. उत्तराखण्ड में बांज वृक्ष की कितनी प्रजाति पायी जाती है ? – 05
  3. राज्य में वन पंचायतों के अधीन कितना प्रतिशत वन है ?-  15.32 %    
  4. नैनीताल की खोज कब और किसने की थी ? – 1841 में पी. बैरन द्वारा
  5. केदारगंगा, जाडगंगा, रूद्रगंगा किस नदी की सहायक नदिया है ? –भागीरथी
Read More>>>

Download Uttarakhand General Knowledge PDF

उत्तराखण्ड ज्ञान (www.ukgyan.com ) में आपका स्वागत है, हमारा प्रयास है इन्टनेट के माध्यम से उत्तराखंड में आयोजित होने वाली तमाम प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए पठन सामग्री उपलब्ध कराना है
इसी क्रम में यह PDF प्रस्तुत किया जा रहा है इसी क्रम में आपको अन्य PDF भी समय समय पर मिलते रहंगे

UKPSC,UKSSSC द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण .   

UK GK

CLICK HERE TO DOWNLOAD PDF

Read More>>>

Question & Answer Uttarakhand Set 04

  1. गढ़वाल छेत्र में थडिया नृत्य किया जाता है ? - महिला के प्रथम बार मायके आने पर
  2. प्रत्येक वर्ष धानो की रोपाई के समय हिल्जात्रा उत्सव कहाँ मनाया जाता है ? – पिथौरागढ़
  3. चंद वंश के किस शाशक ने रेशम का कारखाना खुलवाया – राजा इन्द्रचंद
Read More>>>

उत्तराखण्ड माप-तौल प्रणाली

भूमि मापन हेतु

  • 16 मुट्ठी (बीज की मात्रा) = 1 नाली जमीन
  • 2.5 नाली = 1 बीघा (4 मुट्ठी)

अन्न मापने हेतु

  • 1 मुट्ठी = 62.5 ग्राम
  • 8 मुट्ठी = 1 सेर = 500 ग्राम
  • 2 सेर = 1 कुड़ी = 1 किलोग्राम
  • 2 कुड़ी = 1 पाथा = 2 किलोग्राम
Read More>>>

Question & Answer Uttarakhand (One line) set 3

  1. उत्तराखण्ड हिमालयी क्रम का कौन सा राज्य है ? – 11
  2. रघुनाथ मंदिर कहाँ स्तिथ है ?- देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल
  3. राजाबूंगा का किला किसने बनाया ? सोमचंद
  4. कटारमल सूर्य मंदिर की वास्तु शैली है – उत्तराखण्ड शैली का
  5. धान की रोपाई के समय पिथौरागढ़ में सोरघाटी में किसानों द्वारा कौन सा उत्सव मनाया जाता है ? – हिलजात्रा उत्सव
Read More>>>

उत्तराखण्ड में वन सम्बन्धी आन्दोलन

उत्तराखण्ड में वन सम्बन्धी आन्दोलन
(Forest Related Movements in Uttarakhand)

रंवाई आन्दोलन- स्वतंत्रता से पूर्व टिहरी रियासत में, राजा नरेन्द्रशाह के समय किसानों की भूमि को वन भूमि में सम्मिलित कर उसे राजा के अधीन कर दिया गया। इस व्यवस्था के विरुद्ध रंवाई क्षेत्र की जनता ने ‘आज़ाद पंचायत’ का गठन कर अपने अधिकारों के लिए विद्रोह प्रारंभ कर दिया। 30 मई 1930 को रंवाई क्षेत्र के तिलाड़ी गाँव में आज़ाद पंचायत की एक बैठक के दौरान रियासत के दीवान चक्रधर जुयाल ने सैनिकों से गोलियां चलवायीं, जिसमें सैकड़ों किसान शहीद हो गए। इस आन्दोलन को 'तिलाड़ी काण्ड' भी कहा जाता है। आज भी इस क्षेत्र में 30 मई को 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

Read More>>>